Tuesday, May 15, 2018

सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद सागर की कलम से बालू भाई की खुशनसीबी कुशीनगर मे आये दिन हो रहे घटनाओ

सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद सागर की कलम से बालू भाई की खुशनसीबी

कुशीनगर मे आये दिन हो रहे घटनाओ के मद्देनजर रखते हुए देखा जाय तो यहां वह बालू भाई सबसे ज्यादा ख़ुशनसीब हैं जिसको पाने हेतु स्थानिय विधायक से लेकर सासंद, विपक्ष, और शासन, प्रसाशन, सब आतुर दिखाई दे रहे हैं पर क्या आप सभी को यह पता है की इतनी बैचैनी किसी जनहित कार्यो को लेकर इंसाफ दिलाने मे न विधायक को और न ही सांसद साहब, विपक्ष को और नही शासन प्रसाशन को जल्दी रहती है पर इस बालू मे ऐसा क्या है की सरकार व विपक्षी के लोग इसको लेकर लङ मरने को आतुर है जबकि इसी विधानसभा मे अनेकों गाँव ऐसे भी है जिसमे लाइट, पानी, सङके, हास्पीटल, पुल, पुलिया, का कार्य इंतजार मे है पर इतनी आतुरता उसमे सांसद साहब या किसी नेता ने कतई नही दिखायी है तो क्या इसे जनता के साथ धोखा माना जाय या अपनी अपनी जेबे भरने की होङ। जनता की लङाई को सरकार अंजान बनकर देख रही है और अपनी क़ानूनी चाबुक चलाने को बेकरार है फिलहाल कुछ भी हो इसमे बालू महाराज की तो चांदी ही चांदी है क्यो की तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र के दियरा मे स्थित बालू महाराज के लिए सभी ने अपनी पुरी जान झोक रखी है पर आखिर क्यो, जबकि इसी विधानसभा मे अनेकों जगह ऐसा भी है जहा अवैध बालू खनन होता है पर वहा कोई क्यो नही पहुँच रहा है यह सोचनिय विषय है सोचियेगा ज़रूर, जब बांध से जनता को खतरा है तो शासन बेखबर कैसे है? सांसद साहब कहा सो रहे हैं क्या उन्हे कोई जगायेगा की इस क्षेत्र मे आपकी ज़रूरत है पर सांसद जी अपनी बङे बङे कार्यो मे मसहूल हैं लेकीन यह जरूर दिखा कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं की इस लोक सभा मे हर जगह गाँव रौशन हो चुका है पर इतने बडे सासंद साहब से सवाल कोई करे तो करे कैसे। खैर हमे इन सब से क्या लेना देना है हमे तो लोगो को सच्चाई दिखानी है की भाईयों जनता के वादो पर खरा न उतरने वाले सभी नेता बालू को बचाने मे लगे हुए हैं हमे तो लगता है की कुशीनगर मे घटित हो रही घटनाओ को देखे तो इन सभी से ज्यादा आवाज बुलंद बालू बाबा को लेकर हो रही है। क्या यहां इंसानो से ज्यादा रहम बालू पर की जाती है, क्या जनता के वादो पर खरा उतरने की कोई जल्दी किसी नेता को नही है आखिर क्यो, कुशीनगर का सारा सिस्टम भ्रष्ट हो चूका है पर लोगो को *👉बालू जनता और वो👈* मे उलझाया जा चूका है पर किसी मे यह हिम्मत नही है की मानव रहित जगहों की जरूरतें पुरी की जाय, शायद इसमे राजनीति अथवा लोभ लालच वोट की नही दिख रही है जब ही तो जगदीशपुर की बेटी के लिए कोई नेता लोग आगे नही आ रहे है क्यो की यहाँ वोट या तो कटने की डर सता रहा है अथवा अपनो की फसने की, तो कया माना जांय कुशीनगर की इस मासूम जनता को कुछ तथाकथित लोगो ने #बालू_जनता_और_वो मे ही ऊलझा के रख दिया है, लेकीन मासूम बच्चो की मौत पर फोटो खिचाया जा सकता है पर फाटक के लिये आवाज नही उठाया जा सकता है क्यो की इसमे जब राजनीति की रोटियां नही सेंकी जा सकती थी शायद, इस विधानसभा की यह हालात है की यहा सिर्फ तारीखों पर कार्य होता है विकास पर नही, यहा सिर्फ आपको गुमराह किया जाता है इंसाफ पर नही, यहा सिर्फ आपको दौङाया जाता है विश्वास पर नही, यहां से लोग मंत्री रह जाते हैं पर जनता की हालत जस के तस बनी रहती है फिर भी लोग कोई सवाल नही करते है। तो क्या माना जाय की सत्ता मे रहने पर सब कुछ उलट किया जा सकता है और अपनी जेबे भरी जा सकती है पर विकास नही किया तो कोई डर नही रहता है धन्य हैं ऐसे लोग जो ऐसे नेताओं से कुछ पूछते नही हैं और उन्हे शह देते हैं।
कलम से
अरविंद कुमार सागर
सामाजिक कार्यकर्ता
कुशीनगर उत्तर प्रदेश

नारी का सम्मान करो मत इसका अपमान करो-अरविंद सागर

नारी का सम्मान करो मत इसका अपमान करो-अरविंद सागर

आज ऐसे तमाम मिसाल है की जहा बहन बेटियों की इज्जत लुटी जाती है और लोग तमाशबीन बनकर देख रहे होते है जबकि बहन बेटियों की आबरू बचाने हेतु कोशिश तक नही किया जाता है शर्म आनी चाहिए ऐसे इंसानो पर  और तब हम इच्छा रखते है की हमे पयार मिलता क्यो नही समाज मे इज्जत मिलता क्यो नही, आज की जनरेशन इतनी आगे निकल चुकी है की दूसरो की बहन बेटियों की दर्द समझने और महसूस करने की फुर्सत तक ही नही है आप लोगो ने अनेको ऐसे विडियो देखें होगें जहा किसी बहन बेटी को प्रताड़ित किया जाता हो और लोग तमाशबीन बनकर देख रहे होते है आखिर यह सब हो क्या गया है हमारी इस जनरेशन को, खुन खौलता क्यो नही, हम लोग इतने खुदगर्ज कैसे हो सकते है क्या हमारी आपकी जिम्मेदारी नही बनती है अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना? *क्या सिर्फ कानून और कुछ संगठन ही इस जिम्मेदारी को आगे लेकर चलेगें? हम लोगो का भी तो कुछ फर्ज बनता है न? अभी ताजा खबर के मुताबिक कुशीनगर मे हुई 18 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्याकांड को ही ले लिया जाए तो जिम्मेदार कौन है? मेरे ख्याल से उसकी जिम्मेदार हम और आप है क्यो की वह मसला जनता के बीच आ चुका था फिर भी ग्रामीण और जिम्मेदार लोगो द्वारा मामले को दबा दिया गया आखिर कयो? अगर समय रहते उसी वक्त कार्यवाई हुई होती तो आज बच्ची जिंदा होती जबकि हम सिर्फ प्रशासन को ही दोषारोपण करते है , आखिर क्यो? पहले हमे अपने आप को बदलना होगा, आखिर जब यह निर्मम हत्या हो रही थी जब भी कुछ पड़ोसी और कुछ लोग तमाशबीन बनकर देख रहे होगें न उस समय भी जान बचाई जा सकती थी* लेकीन कोई भी व्यक्ति सामने नही आया आखिर क्यो? फिर हम प्रशासन को दोष देते है हम जब अपने आप को सुरक्षित नही कर सकते तो मेरे ख्याल से प्रशासन को दोषारोपण करना बंद कर देना चाहिए, खुद कुछ कर नही सकते और बार बार सवाल खड़ा करना चाहते है, आखिर ऐसा कयो? हमे सबसे पहले आपने आप को सुरक्षित करना होगा और हमारे आपके सामने हो रहे जुर्म के खिलाफ आवाज उठाना होगा जब जाकर हमारी और आपकी ताकत दिख सकती है, *नही तो ऐसे ही कुछ असमाजिकतत्व हमारे समाज को गंदा करते रहेगें, और हम और आप तमाशबीन बनकर देखते ही रहेगें तो *आईये सोच बदलें देश जरूर बदलेगा, हम इज्जत कमायें आबरू बचायें प्यार अवश्य मिलेगा। जय हिंद जय भारत*
          ✍
अरविंद कुमार सागर
सामाजिक कार्यकर्ता
कुशीनगर उत्तर प्रदेश

भ्रष्ट_आफिसरो_के_खिलाफ_साबुत_लाओ_इनाम_पाओ

#भ्रष्ट_आफिसरो_के_खिलाफ_साबुत_लाओ_इनाम_पाओ          ✔सही लगे तो शेयर जरूर करें
#आफिसर्स_के_ईपीएफ_और_एक_महिने_की_सेलरी_काटकर_इनाम_के_तौर_पर_दी_जायेगी_सबूतियों_को
#भारत: आजकल भरष्टाचार अपने चरम सीमा पर है लेकीन यह कहना गलत नही होगा की यह भ्रष्टाचार का जङ बहुत ही पुराने समय से बेजोङ तरीके से जनता की पैसे को लूटते हुए चला रहा है परंतु इसकी इलाज आजतक की कोई भी सरकार नही कर पाई है लेकीन मेरा सुझाव अगर सरकार तक पहुंच जाय तो जरूर कुछ समाज मे जनता के हित के साथ बेहतर हो सकता है बस एक कानून पारित करने की जरूरत है और काफी हद तक भ्रष्टाचार को हम समापन कर सकेगें तो आईये जाने वह सुझाव🔻
#सुझाव_नम्बर-1 ✔अगर सरकार एक ऐसा कानून पारित कर ले जिसमे यह नियम हो की अगर कोई भी व्यक्ति विडियों अथवा फोटों ग्राफ के जरिये किसी भी अधिकारी का घुस लेते हुए जुर्म साबित करता है तो भ्रष्ट अधिकारी की उसकी पुरी जमा की गई ईपीएफ और वर्तमान की शेष बची हुई धनराशि को सबूत देने वाले वयक्ति को दे दिया जायेगा और भ्रष्ट अधिकारी को हमेशा के लिये नौकरी से बर्खास्त कर दिया जायेगा और सबूतिया वयक्ति का पहचान भी गुप्त रखा जायेगा, अब इससे यह फायदा होगा की सभी पब्लिक एक्टिव हो जायेगी क्यो की इनाम जो पाना है और सरकार के खजाने पर भार भी नही बढेगा और इतना ही नही भ्रष्ट अधिकारी घूस लेने मे भी कांप जायेगे क्यो की उनकी जमा पूंजी ईपीएफ की भी धनराशि हाथ से निकल जाने की डर जो होगी जबकि की आज वर्तमान मे ऐसा कोई ठोस कानून नही है जिससे इन भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम लगाया जा सके पर इन सभी कार्यवाही के लिये आन-लाइन पोर्टल होना अति आवश्यक है जिसपर पब्लिक अपनी सबूत सिधे तौर पर प्रदेश के डीजीपी को भेज सकें।
#सुझाव_नम्बर-2 ✔अगर सरकार नेताओ को भी इसके दायरे मे लाने मे क़ामयाब हो जाती है तो देश से भ्रष्टचार की मुक्ति की जा सकती है कानून मे यह जरूर होनी चाहिये की नेता लोगो की पाबंद पांच साल नही बल्कि सदा के लिये चुनाव से दूर कर दिया जाय और उनके पीङी की किसी भी वयक्ति को चुनाव लङने की इजाजत न हो फिर देखिये देश से कैसे भ्रष्टचार समापन होता है।
दोस्तो यह अरविंद कुमार सागर समाजिक कार्यकर्ता का सुझाव आप लोगो को कैसा लगा अवश्य शेयर और कमैंट कर हमे अवगत करायें।

कलम से 📝
अरविंद सागर
समाजिक कार्यकर्ता
कुशीनगर उत्तर प्रदेश भारत